केदारनाथ पैदल मार्ग पर भीमबली और लिनचोली के बीच दो जगहों पर बादल फटे.
बुधवार की रात को केदारनाथ क्षेत्र में एक बार फिर 2013 की आपदा की यादें ताजा हो गई. जब रात को केदारनाथ पैदल मार्ग पर भीमबली और लिनचोली के बीच दो जगहों पर बादल फटे. बादल फटने से क्षेत्र में भारी भूस्खलन हुआ साथ ही यहां से बहने वाली मंदाकिनी नदी का जलस्तर भी खतरे के निशान के ऊपर बहने लगा. समय रहते हुए ही आपदा तंत्र एक्टिव हो गया और यहां स्थानीय लोगों के साथ यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया और नदी किनारे की जगहों को खाली कराया गया. इस आपदा के कारण केदारनाथ पैदल मार्ग कई जगहों पर टूट गया है और इसमें दो पुराने पुल भी बह गये हैं. साथ ही सोनप्रयाग के पास भी नेशनल हाईवे क्षतिग्रस्त हो गया है. अब प्रशासन ने सबसे पहले यहां जगह- जगह फंसे यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का काम किया जा रहा है. एसडीआरएफ वैक्पिक मार्गों बनाकर यात्रियों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचा रहे हैं. साथ ही हेलीकॉप्टर द्वारा भी रेस्क्यू कार्य शुरू हो गया है.
