UK Times https://uktimes.in National News Portal Tue, 15 Sep 2026 17:14:31 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.1 https://i0.wp.com/uktimes.in/wp-content/uploads/2023/12/cropped-UK-Times-Logo.jpeg?fit=32%2C32&ssl=1 UK Times https://uktimes.in 32 32 230936190 मुख्यमंत्री के ‘लखपति दीदी’ संकल्प को नई गति https://uktimes.in/2026/09/15/%e0%a4%ae%e0%a5%81%e0%a4%96%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%ae%e0%a4%82%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%b2%e0%a4%96%e0%a4%aa%e0%a4%a4%e0%a4%bf-%e0%a4%a6%e0%a5%80/ https://uktimes.in/2026/09/15/%e0%a4%ae%e0%a5%81%e0%a4%96%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%ae%e0%a4%82%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%b2%e0%a4%96%e0%a4%aa%e0%a4%a4%e0%a4%bf-%e0%a4%a6%e0%a5%80/#respond Tue, 15 Sep 2026 17:13:44 +0000 https://uktimes.in/?p=4532

*मुख्यमंत्री के ‘लखपति दीदी’ संकल्प को नई गति: सहसपुर में 2,500 महिलाओं के लिए सामान्य सुविधा केंद्र का शुभारंभ*

– *223 स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी लगभग 2,500 महिलाओं को मिलेगा लाभ*

– *महिलाओं द्वारा तैयार उच्च गुणवत्ता वाले उत्पादों को प्रदेशव्यापी पहचान दिलाने की दिशा में होगा कार्य: कैबिनेट मंत्री भरत सिंह चौधरी*

– *अन्य जनपदों में भी स्थापित होंगी ऐसी इकाइयां*

*देहरादून, 15 सितंबर 2026*

राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के अंतर्गत विकासखंड सहसपुर के शंकरपुर में स्वयं सहायता समूहों द्वारा संचालित सामान्य सुविधा केंद्र का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि कैबिनेट मंत्री भरत सिंह चौधरी तथा विशिष्ट अतिथि सहसपुर विधायक सहदेव सिंह पुंडीर उपस्थित रहे। जिला प्रशासन देहरादून की पहल पर पुनर्जीवित इस केंद्र का संचालन ‘आस्था क्लस्टर लेवल फेडरेशन’ द्वारा किया जा रहा है। फेडरेशन से 223 स्वयं सहायता समूहों की लगभग 2,500 महिलाएं जुड़ी हैं।

केंद्र में महिलाएं सिलाई, जूट बैग एवं कपड़े की थैलियों के निर्माण का कार्य करेंगी। पर्यावरण के अनुकूल कपड़े और जूट के उत्पाद सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग को कम करने में भी सहायक होंगे। यह केंद्र महिलाओं को सामूहिक उत्पादन और स्वरोजगार से जोड़ने के साथ उनकी आय बढ़ाने तथा उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

कैबिनेट मंत्री भरत सिंह चौधरी ने कहा कि खादी ग्रामोद्योग के पुराने एवं अनुपयोगी भवन को मुख्य विकास अधिकारी की पहल पर विभिन्न विभागों के समन्वय से पुनर्जीवित किया गया है। जिला उद्योग केंद्र, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन और खादी ग्रामोद्योग सहित संबंधित विभागों के कन्वर्जेंस से यहां उत्पादन इकाई स्थापित की गई है। इसमें क्लस्टर लेवल फेडरेशन से जुड़ी महिलाएं उच्च गुणवत्ता के बैग तैयार कर रही हैं।

कैबिनेट मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में राज्य सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने तथा ‘लखपति दीदी’ अभियान को आगे बढ़ाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। इस सफल पहल को केवल देहरादून तक सीमित न रखते हुए प्रदेश के अन्य जनपदों में भी लागू किया जाएगा। अन्य जिलों के विभागीय अधिकारियों को इस केंद्र का अध्ययन कर इसकी तर्ज पर ऐसी इकाइयां स्थापित करने के लिए प्रेरित किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत प्रदेश में लगभग सवा पांच लाख महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी हैं। इनमें से तीन लाख से अधिक महिलाएं अब तक ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं, जबकि शेष महिलाओं की आय बढ़ाने की दिशा में भी योजनाबद्ध तरीके से कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य की अनेक लखपति दीदियां अब ‘करोड़पति दीदी’ बनने की दिशा में अग्रसर हैं।

कैबिनेट मंत्री ने बताया कि महिला समूहों को तकनीकी ज्ञान, उद्यमिता विकास और बाजार की आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशिक्षण उपलब्ध कराने के लिए आईआईएम काशीपुर के साथ समझौता ज्ञापन किया गया है। आईआईएम काशीपुर इनक्यूबेशन सेंटर के रूप में महिलाओं को तकनीकी सहयोग देगा, जबकि सरकार की ओर से उन्हें आवश्यक वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

उन्होंने कहा कि भविष्य में केंद्र की गतिविधियों को बैग निर्माण तक सीमित नहीं रखा जाएगा। क्लस्टर लेवल फेडरेशन के माध्यम से विद्यालयी बच्चों की यूनिफॉर्म के साथ पुलिस, होमगार्ड और पीआरडी जवानों की वर्दियां तैयार करने की संभावनाओं पर भी कार्य किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को इसी मॉडल पर एक अन्य उत्पादन इकाई स्थापित करने के निर्देश दिए।

मुख्य विकास अधिकारी, देहरादून, अभिनव शाह ने कहा कि सहसपुर स्थित यह सामान्य सुविधा केंद्र कई वर्षों से संचालित नहीं हो रहा था। स्थानीय स्वयं सहायता समूह की क्लस्टर लेवल फेडरेशन को मशीनें उपलब्ध कराकर एक समेकित उत्पादन इकाई विकसित करने का निर्णय लिया गया।

उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री की महिला सशक्तीकरण और स्वरोजगार की परिकल्पना के अनुरूप जिला प्रशासन ने संबंधित विभागों के कन्वर्जेंस और जिला योजना के सहयोग से केंद्र को पुनर्जीवित किया। स्थानीय क्लस्टर लेवल फेडरेशन के साथ एम॰ओ॰यू साइन कर इकाई उसे हस्तांतरित की गई है। केंद्र में महिलाओं ने उत्पादों का निर्माण शुरू कर दिया है। जिला प्रशासन महिलाओं को प्रशिक्षण, उत्पादन, पैकेजिंग और बाजार से जोड़ने के लिए आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराएगा।

योजना से जुड़ी महिला लाभार्थियों ने कहा कि केंद्र के संचालन से उन्हें अपने क्षेत्र में ही नियमित आजीविका का अवसर मिला है। आधुनिक मशीनों और सामूहिक कार्य व्यवस्था से वे बेहतर गुणवत्ता के उत्पाद तैयार कर पा रही हैं। महिलाओं ने कहा कि इससे उनके आत्मविश्वास और पारिवारिक आय में वृद्धि होगी तथा उन्हें आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनने का अवसर मिलेगा। उन्होंने इस पहल के लिए मुख्यमंत्री एवं जिला प्रशासन का आभार व्यक्त किया।

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नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में 8 दशक पुरानी किशाऊ परियोजना को मिली निर्णायक गति https://uktimes.in/2026/09/15/%e0%a4%a8%e0%a4%b0%e0%a5%87%e0%a4%a8%e0%a5%8d%e0%a4%a6%e0%a5%8d%e0%a4%b0-%e0%a4%ae%e0%a5%8b%e0%a4%a6%e0%a5%80-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%a8%e0%a5%87%e0%a4%a4%e0%a5%83%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b5/ https://uktimes.in/2026/09/15/%e0%a4%a8%e0%a4%b0%e0%a5%87%e0%a4%a8%e0%a5%8d%e0%a4%a6%e0%a5%8d%e0%a4%b0-%e0%a4%ae%e0%a5%8b%e0%a4%a6%e0%a5%80-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%a8%e0%a5%87%e0%a4%a4%e0%a5%83%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b5/#respond Tue, 15 Sep 2026 17:09:15 +0000 https://uktimes.in/?p=4529

*प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में 8 दशक पुरानी किशाऊ परियोजना को मिली निर्णायक गति*

*केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह की अध्यक्षता में किशाऊ परियोजना पर छह राज्यों का ऐतिहासिक MoU*

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह की अध्यक्षता में नई दिल्ली स्थित कर्तव्य भवन में आयोजित महत्वपूर्ण बैठक में वर्षों से लंबित किशाऊ बहुउद्देशीय बांध परियोजना के क्रियान्वयन को लेकर हिमाचल प्रदेश, उत्तराखण्ड, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान और दिल्ली के बीच समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। लगभग आठ दशकों से प्रतीक्षित इस परियोजना के लिए हुआ यह समझौता जल सुरक्षा, ऊर्जा, सिंचाई, पेयजल तथा यमुना के पुनर्जीवीकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक एवं निर्णायक कदम है।

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आज का दिन केवल एक समझौते पर हस्ताक्षर का अवसर नहीं, बल्कि लगभग आठ दशकों से प्रतीक्षित किशाऊ परियोजना को धरातल पर उतारने की दिशा में बढ़ाया गया एक ऐतिहासिक कदम है। उन्होंने देवभूमि उत्तराखण्ड की ओर से भारत सरकार सहित सभी सहभागी राज्य सरकारों का आभार व्यक्त किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किशाऊ परियोजना की परिकल्पना वर्ष 1940 में की गई थी। इतने लंबे समय में परियोजना को आगे बढ़ाने के अनेक प्रयास हुए, लेकिन विभिन्न कारणों से यह परियोजना आगे नहीं बढ़ पाई। आज प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में दशकों से लंबित महत्वपूर्ण परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन में 16 जून 2026 की बैठक में किशाऊ परियोजना से जुड़ी कई महत्वपूर्ण अड़चनों के समाधान का मार्ग प्रशस्त हुआ। इसके बाद केंद्र एवं सहभागी राज्य सरकारों के बीच निरंतर समन्वय से परियोजना को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण प्रगति हुई और आज MoU पर हस्ताक्षर के साथ इसे औपचारिक रूप दिया गया है।

*राष्ट्रीय महत्व की बहुउद्देशीय परियोजना*

मुख्यमंत्री ने कहा कि किशाऊ कोई सामान्य बांध परियोजना नहीं है, बल्कि यह जल सुरक्षा, ऊर्जा, सिंचाई, पेयजल और यमुना के पुनर्जीवीकरण से जुड़ी राष्ट्रीय महत्व की बहुउद्देशीय परियोजना है।

उन्होंने कहा कि परियोजना से लगभग 1562 MCM क्षमता का विशाल जलाशय बनेगा तथा 422 मेगावाट विद्युत उत्पादन क्षमता विकसित होगी। इसका लाभ उत्तराखण्ड और हिमाचल प्रदेश के साथ-साथ उत्तर प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान सहित पूरे अपर यमुना बेसिन को मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किशाऊ परियोजना केवल एक राज्य या क्षेत्र की परियोजना नहीं है, बल्कि यह अंतरराज्यीय सहयोग और सहकारी संघवाद का महत्वपूर्ण उदाहरण है। केंद्र और राज्य सरकारों के सामूहिक प्रयासों तथा सहभागी राज्यों के बीच बेहतर समन्वय से दशकों से लंबित परियोजना को अब निर्णायक गति मिली है।

*प्रभावित परिवारों का पुनर्वास सर्वोच्च प्राथमिकता*

मुख्यमंत्री ने कहा कि परियोजना के निर्माण में कुछ महत्वपूर्ण चुनौतियां भी सामने आएंगी। परियोजना से प्रभावित परिवारों का उचित, संवेदनशील एवं सम्मानजनक पुनर्वास उत्तराखण्ड सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

उन्होंने कहा कि विकास परियोजनाओं के साथ प्रभावित परिवारों के हितों का संरक्षण सुनिश्चित करना आवश्यक है और राज्य सरकार इस दिशा में पूरी संवेदनशीलता के साथ कार्य करेगी।

*क्षतिपूरक वनीकरण के लिए भूमि उपलब्ध कराना चुनौती*

मुख्यमंत्री ने कहा कि परियोजना के लिए लगभग 2500 हेक्टेयर वन भूमि के हस्तांतरण की आवश्यकता होगी। इसके कारण क्षतिपूरक वनीकरण के लिए बड़ी मात्रा में भूमि की आवश्यकता पड़ेगी।

उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड जैसे वनाच्छादित और पर्वतीय राज्य के लिए इतनी बड़ी मात्रा में भूमि उपलब्ध कराना एक महत्वपूर्ण चुनौती है। इसलिए उन्होंने भारत सरकार तथा सभी सहभागी राज्यों से अनुरोध किया कि क्षतिपूरक वनीकरण के लिए आवश्यक भूमि चिन्हित करने में उत्तराखण्ड को सहयोग प्रदान किया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड पर्यावरण संरक्षण और विकास के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है तथा परियोजना से जुड़े सभी पर्यावरणीय एवं वन संबंधी प्रावधानों का नियमानुसार अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा।

*‘विकल्प रहित संकल्प’ के साथ समयबद्ध क्रियान्वयन*

मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व और केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह जी के मार्गदर्शन में सभी सहभागी राज्य किशाऊ परियोजना को समयबद्ध रूप से धरातल पर उतारने के अपने ‘विकल्प रहित संकल्प’ को पूरा करने में सफल होंगे।

उन्होंने कहा कि आज हुआ MoU हस्ताक्षर केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि ऐसी महत्वपूर्ण परियोजना की शुरुआत का ऐतिहासिक पड़ाव है, जिसका लाभ आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किशाऊ परियोजना के क्रियान्वित होने से जल उपलब्धता, सिंचाई, पेयजल, ऊर्जा उत्पादन और यमुना के पुनर्जीवीकरण को नई गति मिलेगी तथा अपर यमुना बेसिन के राज्यों के विकास को दीर्घकालिक लाभ प्राप्त होगा।

मुख्यमंत्री ने केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह, केंद्रीय जल शक्ति मंत्री श्री सी. आर. पाटिल, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ, दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता, राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री भजन लाल शर्मा, हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी, हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री सुखविंदर सिंह सुक्खू तथा केंद्रीय मंत्रिगणों, सहभागी राज्य सरकारों एवं उपस्थित वरिष्ठ अधिकारियों का आभार व्यक्त किया।

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चारधाम यात्रा-2026 की व्यवस्थाओं की मुख्यमंत्री ने की समीक्षा https://uktimes.in/2026/09/15/%e0%a4%9a%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a7%e0%a4%be%e0%a4%ae-%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be-2026-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%b5%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%b5%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%a5/ https://uktimes.in/2026/09/15/%e0%a4%9a%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a7%e0%a4%be%e0%a4%ae-%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be-2026-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%b5%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%b5%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%a5/#respond Tue, 15 Sep 2026 17:07:46 +0000 https://uktimes.in/?p=4526

*चारधाम यात्रा-2026 की व्यवस्थाओं की मुख्यमंत्री ने की समीक्षा*

*यात्रियों की सुरक्षा, सुगम यात्रा एवं बेहतर यातायात प्रबंधन सुनिश्चित करने के निर्देश*

*14 सितम्बर तक 50.56 लाख श्रद्धालु कर चुके हैं दर्शन, 66.07 लाख यात्रियों का पंजीकरण*

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से चारधाम यात्रा-2026 की व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने यात्रा से जुड़े जनपदों के जिलाधिकारियों से यात्रा मार्गों, यातायात, स्वास्थ्य एवं सुरक्षा व्यवस्थाओं की जानकारी लेते हुए श्रद्धालुओं की सुरक्षित, सुगम और सुव्यवस्थित यात्रा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने यात्रा मार्गों पर मौसम एवं भूस्खलन की स्थिति की निरंतर निगरानी करने, संवेदनशील स्थानों पर पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था रखने तथा संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने किसी भी आपात स्थिति में त्वरित राहत एवं बचाव की व्यवस्था सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने यात्रा मार्गों पर यातायात दबाव को नियंत्रित करने के लिए होल्डिंग एरिया में आवश्यक सुविधाएं सुव्यवस्थित रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यात्रा के दौरान यातायात व्यवस्था ऐसी हो कि श्रद्धालुओं को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।

मुख्यमंत्री ने यमुनोत्री धाम में भीड़ एवं आवागमन को देखते हुए धाम से लगभग 500 मीटर पहले दूसरा घोड़ा पड़ाव विकसित करने, डंडी-कंडी सेवाओं को व्यवस्थित करने तथा खरसाली से वैकल्पिक मार्ग के संबंध में आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने पैदल मार्ग पर यात्रियों और घोड़े-खच्चरों की आवाजाही सुव्यवस्थित रखने तथा सूर्यकुंड क्षेत्र में प्रभावी भीड़ प्रबंधन सुनिश्चित करने को कहा।

मुख्यमंत्री ने घोड़े-खच्चरों के संचालन में निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने, पशुओं का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण कराने तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए। केदारनाथ पैदल मार्ग के चीरबासा एवं भैरव ग्लेशियर क्षेत्र में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि संवेदनशील स्थानों पर यात्रियों, घोड़े-खच्चरों एवं डंडी-कंडी की आवाजाही व्यवस्थित रखी जाए
आवश्यकता पड़ने पर तत्काल रेस्क्यू की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

मुख्यमंत्री ने यमुनोत्री पैदल मार्ग के चौड़ीकरण के लिए आवश्यक कार्रवाई करने तथा गंगोत्री मार्ग पर चौड़ीकरण एवं गड्ढामुक्त करने के कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने यात्रा मार्गों के भूस्खलन संभावित क्षेत्रों की निरंतर निगरानी करने तथा स्यानाचट्टी क्षेत्र में विशेष सतर्कता बरतने के भी निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने ज्योतिर्मठ – मारवाड़ी मार्ग पर प्रभावी यातायात प्रबंधन सुनिश्चित करने तथा मार्ग अवरुद्ध होने की स्थिति में उसे शीघ्र खोलने के लिए आवश्यक मशीनरी की उपलब्धता बनाए रखने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने चारों धामों में मौसम की स्थिति को देखते हुए श्रद्धालुओं के लिए अलाव सहित आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने विशेष रूप से श्री केदारनाथ और श्री बदरीनाथ यात्रा मार्गों पर स्वास्थ्य सेवाओं को प्राथमिकता देते हुए चिकित्सकों, पैरामेडिकल स्टाफ, ऑक्सीजन तथा आपातकालीन चिकित्सा सुविधाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा।

मुख्यमंत्री ने यात्रा मार्गों पर स्वच्छता की बेहतर व्यवस्था रखने तथा घोड़े-खच्चरों की लीद का समुचित निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने श्रद्धालुओं के लिए सुगम दर्शन की व्यवस्था प्रभावी बनाए रखने को कहा।
मुख्यमंत्री ने मोबाइल नेटवर्क की समस्या वाले क्षेत्रों में आपातकालीन संचार व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए संबंधित विभागों एवं दूरसंचार कंपनियों के साथ समन्वय कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने यात्रा मार्गों पर पर्याप्त शौचालय, पेयजल, विद्युत, प्रकाश एवं शटल सेवाओं की व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा शौचालयों की नियमित सफाई और औचक निरीक्षण करने के भी निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने हेली सेवाओं के टिकट निर्धारित दरों पर ही उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्धारित दर से अधिक वसूली अथवा अनधिकृत टिकट बिक्री की शिकायत मिलने पर कड़ी कार्रवाई की जाए। मौसम की स्थिति को ध्यान में रखते हुए श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देकर हेली सेवाओं का संचालन किया जाए।

मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों एवं संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि चारधाम यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा से किसी भी स्तर पर समझौता न हो। यात्रा मार्गों एवं संवेदनशील स्थलों की निरंतर निगरानी करते हुए किसी भी समस्या की स्थिति में तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। बैठक में बताया गया कि चारधाम यात्रा-2026 के लिए अब तक 66,07,749 यात्रियों का पंजीकरण हो चुका है। 14 सितम्बर 2026 की शाम 7 बजे तक 50,56,160 श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। इनमें यमुनोत्री में 7,08,407, गंगोत्री में 7,89,773, श्री केदारनाथ में 14,98,544, श्री बदरीनाथ में 17,36,619 तथा श्री हेमकुंड साहिब में 3,22,817 श्रद्धालु शामिल हैं।

बैठक में मुख्य सचिव श्री आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव श्री आर.के. सुधांशु, प्रमुख सचिव श्री आर. मीनाक्षी सुंदरम, गृह सचिव श्री शैलेश बगौली सहित शासन, प्रशासन एवं संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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उत्तराखण्ड : पार्किंग सुविधाओं का हुआ विकास https://uktimes.in/2026/09/12/%e0%a4%89%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%96%e0%a4%a3%e0%a5%8d%e0%a4%a1-%e0%a4%aa%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%95%e0%a4%bf%e0%a4%82%e0%a4%97-%e0%a4%b8%e0%a5%81%e0%a4%b5/ https://uktimes.in/2026/09/12/%e0%a4%89%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%96%e0%a4%a3%e0%a5%8d%e0%a4%a1-%e0%a4%aa%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%95%e0%a4%bf%e0%a4%82%e0%a4%97-%e0%a4%b8%e0%a5%81%e0%a4%b5/#respond Sat, 12 Sep 2026 16:13:52 +0000 https://uktimes.in/?p=4524

प्रदेश में पर्यटकों और श्रद्धालुओं की साल दर साल बढ़ती संख्या को देखते हुए प्रदेश सरकार आधारभूत सुविधाओं
के विस्तार में जुट गई है। ट्रैफिक जाम से निजात दिलाने और चारधाम यात्रा को और सुगम बनाने के लिए युद्धस्तर पर काम हो रहा है। आवास विभाग उत्तराखण्ड पार्किंग सुविधाओं के विकास में जुटा है। चार वर्षों में आवास विभाग ने 63 पार्किंग परियोजनाओं के तहत 4202 वाहनों की क्षमता की पार्किंग का निर्माण कराया है। धामी सरकार के इस कदम से जहां पर्वतीय जिलों में आम लोगों और पर्यटकों को जाम से राहत मिली है, वहीं स्थानीय लोगों की राह भी आसान हुई है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखण्ड में पर्यटक सुविधाओं के विकास पर विशेष जोर दिया जा रहा है। सड़क, रेल और हवाई कनेक्टिविटी का विस्तार किया जा रहा है। पर्यटकों और श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए पार्किंग सुविधाओं के विकास पर विशेष फोकस किया गया है। मुख्यमंत्री के दिशानिर्देश पर उत्तराखण्ड का आवास विभाग पर्वतीय जनपदों के प्रमुख शहरों, तीर्थ स्थलों और पर्यटन केंद्रों में पार्किंग नेटवर्क के विस्तार में जुटा है। स्थान की उपलब्धता के अनुसार सरफेस पार्किग, बहुमंजिला (मल्टीलेवल) पार्किंग और ऑटोमेटेड पार्किंग का निर्माण किया गया है।

आवास विभाग की विकसित पार्किंग एक नजर में

जनपद                          वाहन क्षमता
अल्मोड़ा                         1087
नैनीताल                          679
चंपावत                          600
उत्तरकाशी                    477
पिथौरागढ़                      309
रुद्रप्रयाग                       304
पौड़ी                             256
चमोली                           201
टिहरी                            163
बागेश्वर                          126

हल होगी नैनीताल की पार्किंग समस्या
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की पहल पर अब सरोवर नगरी नैनीताल में पार्किंग की समस्या हल हो सकेगी। प्रदेश सरकार मेट्रोपोल होटल परिसर क्षेत्र में पार्किंग का निर्माण कर रही है। इस पार्किंग के तैयार होने पर लगभग 700 वाहन यहां पार्क किए जा सकेंगे।

कैंची धाम में बहुमंजिला पार्किंग
सुप्रसिद्ध कैंची धाम में श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए बहुमंजिला (मल्टी लेवल) पार्किंग का निर्माण किया जा रहा है। इस पार्किंग में एक बार में पांच सौ से अधिक वाहन पार्क किए जा सकेंगे।

हल हुई पार्किंग की समस्या : डॉ राजेश
उत्तराखण्ड सरकार के के सचिव, आवास एवं राज्य संपत्ति विभाग डॉ आर राजेश कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री जी के दिशानिर्देशों के क्रम में प्रदेश में पार्किंग सुविधाओं के विकास पर जोर दिया गया है। पर्वतीय जनपदों में 63 पार्किंग परियोजनाओं का कार्य पूर्ण होने के बाद पार्किंग की समस्या काफी हद तक हल हो गई है। इससे पर्यटकों और श्रद्धालुओं के साथ ही स्थानीय नागरिकों को भी राहत मिली है।

कोट———

उत्तराखण्ड देश-दुनिया के पर्यटकों और श्रद्धालुओं का पसंदीदा गंतव्य बन गया है। पिछले वर्ष ही छह करोड़ से अधिक लोग यहां पहुंचे हैं। इसको देखते हुए प्रदेश सरकार लगातार यात्री सुविधाओं का विस्तार कर रही है। जाम की समस्या से निपटने के लिए सभी प्रमुख पर्यटन स्थलों और चार धाम यात्रा मार्गों पर पार्किंग सुविधाएं विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है। आवास विभाग और अन्य एजेंसियां इस काम में जुटी हैं।

-पुष्कर सिंह धामी
मुख्यमंत्री, उत्तराखण्ड

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ईडी की दबिश के बाद उत्तराखंड की सियासत में भूचाल: हरीश रावत ने छोड़े कांग्रेस के पद https://uktimes.in/2026/09/12/%e0%a4%88%e0%a4%a1%e0%a5%80-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%a6%e0%a4%ac%e0%a4%bf%e0%a4%b6-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%ac%e0%a4%be%e0%a4%a6-%e0%a4%89%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%96/ https://uktimes.in/2026/09/12/%e0%a4%88%e0%a4%a1%e0%a5%80-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%a6%e0%a4%ac%e0%a4%bf%e0%a4%b6-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%ac%e0%a4%be%e0%a4%a6-%e0%a4%89%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%96/#respond Sat, 12 Sep 2026 16:01:11 +0000 https://uktimes.in/?p=4521

उत्तराखंड में बड़ी राजनीतिक खबर सामने आई है। पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत ने पार्टी के अपने संगठनात्मक पदों से इस्तीफे की पेशकश की है।
हरीश रावत ने उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी की कार्यकारिणी के सदस्य और कांग्रेस कार्यसमिति के स्थायी आमंत्रित सदस्य के पद को छोड़ने की बात कही है।

दरअसल, यह घटनाक्रम उनके पूर्व OSD और मौजूदा निजी सहायक चंदन सिंह जीना के ठिकानों पर प्रवर्तन निदेशालय यानी ED की कार्रवाई के बाद सामने आया है। ED ने 2016 की ग्राम पंचायत विकास अधिकारी परीक्षा में कथित अनियमितताओं से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में देहरादून समेत कई ठिकानों पर छापेमारी की थी।

ED के मुताबिक, चंदन सिंह जीना के परिसर से 32 लाख रुपये की नकदी और करीब 200 ग्राम सोना समेत कई लग्जरी घड़ियां बरामद की गई हैं। जांच एजेंसी ने बैंक खातों में मिली रकम को भी फ्रीज किया है।

इसी कार्रवाई के बाद हरीश रावत ने पार्टी के पदों से इस्तीफे की पेशकश की है। हालांकि, हरीश रावत ने पूरे मामले को लेकर अपनी ओर से सवाल उठाए हैं और राजनीतिक प्रतिशोध तथा संस्थानों के दुरुपयोग का आरोप लगाया है। उन्होंने जांच में सहयोग की बात भी कही है।

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महाराज ने फिल्म “बीरा” का ट्रेलर, म्यूजिक, पोस्टर लांच किया https://uktimes.in/2026/09/12/%e0%a4%ae%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9c-%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%ab%e0%a4%bf%e0%a4%b2%e0%a5%8d%e0%a4%ae-%e0%a4%ac%e0%a5%80%e0%a4%b0%e0%a4%be-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%9f%e0%a5%8d/ https://uktimes.in/2026/09/12/%e0%a4%ae%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9c-%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%ab%e0%a4%bf%e0%a4%b2%e0%a5%8d%e0%a4%ae-%e0%a4%ac%e0%a5%80%e0%a4%b0%e0%a4%be-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%9f%e0%a5%8d/#respond Sat, 12 Sep 2026 15:55:18 +0000 https://uktimes.in/?p=4518

प्रदेश के कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने बालाजी प्रोडक्शन के बैनर तले बनी गढ़वाली फीचर फिल्म “बीरा” के ट्रेलर, म्यूजिक और पोस्टर लांच किया। उन्होंने कहा कि फिल्म केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं है, बल्कि यह समाज, संस्कृति, परंपराओं और हमारी जीवनशैली को देश-दुनिया तक पहुंचाने का एक सशक्त माध्यम भी है।

प्रदेश के पर्यटन, धर्मस्व एवं संस्कृति, लोनिवि, सिंचाई एवं ग्रामीण निर्माण मंत्री सतपाल महाराज ने शनिवार को एक स्थानीय होटल में बालाजी प्रोडक्शन के बैनर तले बनी गढ़वाली फीचर फिल्म “बीरा” का ट्रेलर, म्यूजिक और पोस्टर लांच किया। बतौर मुख्य अतिथि अपने संबोधन से पूर्व उन्होंने “बीरा” फिल्म के निर्माण के लिए फिल्म निर्माता धीरज पप्पू सिंह, निर्देशक देबू रावत, साथी कलाकारों तथा पूरी टीम को बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उत्तराखंड में हिमालय की ऊंची चोटियां, हरे-भरे वन, नदियां, झीलें, घाटियां, गांव और हमारी समृद्ध लोक परंपराएं फिल्म निर्माताओं के लिए किसी प्राकृतिक स्टूडियो से कम नहीं हैं। हमारी सरकार प्रदेश को फिल्म शूटिंग के लिए एक आकर्षक और सुविधाजनक डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है।

श्री महाराज ने कहा कि हमारा प्रयास है कि प्रदेश में अधिक से अधिक फिल्मों, वेब सीरीज और अन्य ऑडियो-विजुअल प्रोजेक्ट्स की शूटिंग हो। इससे न केवल उत्तराखण्ड की खूबसूरती देश-दुनिया तक पहुंचेगी, बल्कि स्थानीय युवाओं, कलाकारों, तकनीशियनों, होटल व्यवसायियों, परिवहन क्षेत्र और स्थानीय उद्यमियों के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
“बीरा” फिल्म पहाड़ के सरल जीवन और बदलते समय के बीच खड़े उन लोगों की भावनाओं को सामने लाती है, जो अपने सपनों, रिश्तों और अपनी जड़ों के बीच संतुलन बनाने की कोशिश करते हैं। उन्होंने कहा कि फिल्म में मुख्य भूमिकाओं में शिवानी भंडारी, नियो फर्स्वाण और सूरज कोटनाला सहित अनेक अनुभवी और प्रतिभाशाली कलाकारों का अभिनय फिल्म को जीवंत बनाते हैं।

उन्होंने कहा कि ‘बीरा’ पहाड़ की मिट्टी, रिश्तों की गर्माहट और अपनी जड़ों से जुड़े रहने की भावना को बड़े पर्दे पर उतारने वाली एक ऐसी सिनेमाई यात्रा है, जो दर्शकों को हँसाएगी, भावुक करेगी और अपनी मिट्टी से जुड़ाव का एहसास कराएगी। उन्होंने विश्वास जताया कि ‘बीरा’ फिल्म दर्शकों के बीच अपनी एक विशेष पहचान बनाएगी और देश-विदेश के दर्शकों का भरपूर मनोरंजन एवं मार्गदर्शन करे।

इस मौके पर लोक गायक कलाकार नरेंद्र सिंह नेगी सहित अनेक कलाकार उपस्थित मौजूद थे।

निशीथ सकलानी
मीडिया सलाहकार, श्री सतपाल महाराज जी,
माननीय कैबिनेट मंत्री, उत्तराखंड सरकार।

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मुख्यमंत्री नाम से, प्रॉपर्टी डीलर काम सेः- करन माहरा https://uktimes.in/2026/09/12/%e0%a4%ae%e0%a5%81%e0%a4%96%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%ae%e0%a4%82%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%a8%e0%a4%be%e0%a4%ae-%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%89%e0%a4%aa/ https://uktimes.in/2026/09/12/%e0%a4%ae%e0%a5%81%e0%a4%96%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%ae%e0%a4%82%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%a8%e0%a4%be%e0%a4%ae-%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%89%e0%a4%aa/#respond Sat, 12 Sep 2026 15:53:10 +0000 https://uktimes.in/?p=4515

प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा प्रदेश कांग्रेस चार्जशीट कमेटी की एक पत्रकार वार्ता का आयोजन होटल इन्द्रलोक में किया गया। पत्रकार वार्ता को प्रदेश कंाग्रेस चार्जशीट कमेटी के अध्यक्ष करन माहरा, प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, सहप्रभारी सुरेन्द्र शर्मा, चार्जशीट कमेटी के सदस्य मनोज रावत, डॉ0 प्रेम बहुखंडी एवं डॉ0 प्रतिमा सिंह ने संयुक्त रूप से संबोधित किया।
पत्रकार वार्ता की शुरूआत करते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने धामी सरकार पर राज्य की बेशकीमती भूमि को खुर्दबुर्द करने का आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने अपने पूरे कार्यकाल में केवल प्रदेशभर की बेशकीमती भूमि को खुर्दबुर्द कर केवल भूमाफिया की सरकार होने का प्रमाण दिया है तथा प्रदेश की सरकारी भूमि को अपने चहेतों को कौडियों के भाव बेच दिया है।
पत्रकार वर्ता के बिन्दु पर विस्तार से बताते हुए प्रदेश कंाग्रेस चार्जशीट कमेटी के अध्यक्ष करन माहरा ने कहा कि मुख्यमंत्री प्रापर्टी डीलर की तरह काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कौड़ियों के भाव बिकती देवभूमि या कॉरपोरेट का नया ठिकाना? उत्तराखण्ड निवेश एवं अवसंरचना विकास बोर्ड (न्प्प्क्ठ) घोटालों का नया औजार उत्तराखण्ड 7,000 बीघा सरकारी भूमि लीज देने का फैसला प्रदेश के नौनिहालों के भविष्य पर गहरा असर करेगा। उन्होंने कहा कि जब आम नागरिकों के लिए जमीन खरीदने की सीमा 250 वर्गमीटर है, तो सरकार किस नैतिकता के तहत चुनिंदा कॉर्पोरेट्स को 7,000 बीघा सरकारी जमीन 90 साल के लिए परोस रही है? व्यावसायिक उपयोग वाली इस बेशकीमती जमीन का किराया श्कृषि भूमि के सर्किल रेटश् पर तय कर सरकारी खजाने को चूना क्यों लगाया जा रहा है? क्या 90 साल की यह तथाकथित लीज भविष्य में इस जमीन को स्थायी स्वामित्व में बदलने का पिछला दरवाजा है? इस हजारों बीघा जमीन पर पहला हक स्थानीय युवाओं और पंचायतों का होना चाहिए था या बाहरी वैश्विक कंपनियों का? मुख्यमंत्री की अध्यक्षता वाले बोर्ड ने यह निर्णय डेढ़ साल तक जनता से क्यों छिपाया?
करन माहरा ने कहा कि उत्तराखण्ड निवेश एवं अवसंरचना विकास बोर्ड राज्य में अवस्थापना विकास और निवेश परियोजनाओं के नियोजन व क्रियान्वयन का प्रमुख निकाय है। इस बोर्ड की संरचना और नेतृत्व इसे अत्यधिक संवेदनशील बनाते हैं। उन्होंने कहा कि बोर्ड के अध्यक्ष स्वयं मुख्यमंत्री होने के कारण इस पूरी नीति की प्रत्यक्ष राजनीतिक और प्रशासनिक जवाबदेही सरकार के शीर्ष नेतृत्व पर टिकी हुई है। सरकार द्वारा उद्यान विभाग, पोटैटो प्रोजेक्ट, ब्रीडिंग गार्डन और अन्य विभागों की लगभग 7,000 बीघा खाली या कम-उपयोग वाली सरकारी भूमि को चिन्हित कर एक लैंड बैंक तैयार किया गया है। इसे निजी निवेशकों को सौंपने के लिए तय किए गए प्रमुख प्रावधान निम्नलिखित हैं। बेशकीमती सरकारी जमीनों को 90 वर्ष तक की दीर्घकालीन लीज पर देने का प्रावधान, जो सामान्य वाणिज्यिक लीज (आमतौर पर 30 वर्ष) से कहीं अधिक है। फाइव-स्टार होटल, लग्जरी रिसॉर्ट, विला, कमर्शियल टाउनशिप, वेलनेस सेंटर और प्राइवेट स्कूल जैसी परियोजनाएं। लीज पर ली गई भूमि को आगे सब-लीज (ैनइ-समंेम) पर देने की अनुमति और इसे बंधक (डवतजहंहम) रखकर बैंकों से भारी ऋण लेने की खुली छूट। उन्होंने कहा कि कंपनी का न्यूनतम वार्षिक टर्नओवरः ₹500 करोड़ (पिछले तीन वर्षों का) तथा न्यूनतम नेटवथर्ः ₹60 करोड़ होने के साथ ही प्रीमियम हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र में कम से कम 1,000 कमरों के संचालन का अनुभव और 25 से अधिक देशों में उपस्थिति (या किसी अंतरराष्ट्रीय फाइव-स्टार ब्रांड के साथ आधिकारिक गठजोड़)। कुल निर्धारित राशि का केवल 25ः भुगतान 30 दिनों के भीतर करना होगा, जबकि शेष 75ः राशि अगले 10 वर्षों में चरणबद्ध तरीके से जमा की जाएगी। ये सारी शर्तें बडे कॉरपोरेट घरानों को फायदा पहुंचाने के लिए लगाई गई हैं। उन्होंने सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सर्किल रेट का खेल (राजस्व हानि)ः इन जमीनों का उपयोग पूर्णतः व्यावसायिक (होटल, रिसॉर्ट, टाउनशिप) उद्देश्यों के लिए होना है, लेकिन सरकार निजी कंपनियों से लीज रेंट का निर्धारण कृषि भूमि के सर्किल रेट पर करने जा रही है। वाणिज्यिक और कृषि दरों के इस भारी अंतर के कारण सरकारी खजाने को करोड़ों की चपत लगने और कंपनियों को औने-पौने दामों पर जमीन मिलने का गंभीर आरोप है। उन्होंने कहा कि भू-कानून की मूल भावना के विपरीत (दोहरा मापदंड)ः एक ओर राज्य की जनता वर्षों से बाहरी लोगों और कंपनियों द्वारा भूमि खरीद पर रोक लगाने वाले सख्त भू-कानून की मांग करती रही है (जिसके तहत 2025 का नया भू-कानून लाया गया, जिसमें आम नागरिकों के लिए आवासीय सीमा 250 वर्गमीटर तय की गई), वहीं दूसरी ओर सरकार स्वयं बड़े कॉर्पोरेट घरानों को हजारों बीघा सरकारी जमीन 90 साल के लिए परोस रही है। फ्री-होल्ड में बदलने की आशंकाः आलोचकों के अनुसार वर्तमान में यह लीजहोल्ड आधार पर दी जा रही है, किंतु भविष्य में इसे फ्री-होल्ड (स्थायी स्वामित्व) में परिवर्तित किए जाने की पूरी संभावना है, जो अस्थायी लीज को हमेशा के लिए निजी हाथों में तब्दील कर सकती है। उन्होंने कहा कि स्थानीय अधिकारों की अनदेखीः सामूहिक उपयोग की सरकारी भूमि पर पहला हक स्थानीय युवाओं, ग्राम पंचायतों या सहकारी संस्थाओं का होना चाहिए था, न कि वैश्विक कॉरपोरेट्स का।
नेता प्रतिपक्ष श्री यशपाल आर्य ने प्रदेश सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार ने स्थानीय लोगों के जल-जंगल-जमीन के अधिकारों का हनन किया है। उन्होंने यूआइआईडीबी के गठन पर सवालिया निशान लगाते हुए कहा कि इसका गठन प्रदेश की बेशकीमती जमीनों को कॉरपोरेट घरानों के हाथों कौडियों के भाव बेचने का षडयंत्र किया गया है। कांग्रेस शासन में भू कानून यहां की जनता के हक के लिए बनाया गया था परन्तु भाजपा सरकारों ने उसमें समय-समय पर बदलाव कर राज्य की सरकारी सम्पत्तियों को खुर्दबुर्द कर दिया है।
श्री यशपाल आर्य ने धामी सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार ने एशियाई विकास बैंक (।क्ठ) के ऋण से करोड़ों रुपये खर्च कर जॉर्ज एवरेस्ट एस्टेट में पर्यटन से जुड़ा पदतिंेजतनबजनतम विकसित किया। इसके बाद लगभग 142 एकड़ क्षेत्र और विकसित सुविधाओं को 15 वर्ष के लिए निजी वचमतंजवत को लगभग ₹1 करोड़ वार्षिक बवदबमेेपवद मिम पर दिया गया। कांग्रेस का आरोप है कि इतनी बड़ी सार्वजनिक संपत्ति और पहले से विकसित सरकारी पदतिंेजतनबजनतम को निजी वचमतंजवत को देने से पहले इसके वास्तविक आर्थिक मूल्य, संभावित राजस्व और राज्य के हितों का पर्याप्त मूल्यांकन किया गया या नहीं, यह स्पष्ट नहीं है। टेंडर प्रक्रिया को लेकर भी गंभीर सवाल हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, जमदकमत में शामिल तीन कंपनियों के बीच बवउउवद वूदमतेीपच/ेींतमीवसकपदह संबंध सामने आए हैं। कांग्रेस का सवाल है कि ऐसी स्थिति में क्या तीनों कंपनियों के बीच वास्तविक और स्वतंत्र प्रतिस्पर्धा सुनिश्चित हुई थी? और भी गंभीर सवाल यह है कि जमदकमत में प्रतिस्पर्धी इपककमते के रूप में शामिल कुछ कंपनियां बाद में winning company esa shareholder बन गईं। कांग्रेस पूछना चाहती है कि इस घटनाक्रम की सरकार और संबंधित अधिकारियों द्वारा जांच की गई या नहीं और यदि की गई तो उसका निष्कर्ष क्या रहा? इसके अलावा, जॉर्ज एवरेस्ट जाने वाली सार्वजनिक सड़क पर जवसस/मिम वसूली को लेकर भी विवाद सामने आया। अंततः उत्तराखंड हाईकोर्ट को इस मामले में हस्तक्षेप करना पड़ा और सार्वजनिक सड़क पर जवसस बवससमबजपवद पर रोक लगाई गई। कांग्रेस का सवाल है कि यदि सार्वजनिक सड़क पर जवसस वसूलने का अधिकार नहीं था, तो ऐसी वसूली की स्थिति पैदा कैसे हुई और इसके लिए जिम्मेदारी किसकी है?
चार्जशीट कमेटी के सदस्य मनोज रावत ने कहा कि उत्तराखण्ड में भूमि प्रबंधन, कॉरपोरेट गठजोड़ और प्रशासनिक निर्णयों की पारदर्शिता से जुड़ा एक गंभीर प्रकरण प्रकाश में आया है। यह मामला स्वास्थ्य विभाग को विश्वास में लिए बिना एक बड़े अस्पताल के भू-आवंटन को निरस्त करने तथा इस प्रक्रिया से जुड़ी कंपनियों की संदिग्ध पृष्ठभूमि एवं वित्तीय अनियमितताओं की ओर संकेत करता है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य संबंधी बुनियादी ढांचे और अस्पताल के निर्माण हेतु लगभग 23,137 वर्ग मीटर (लगभग 5.7 एकड़) का एक विशाल भू-भाग चिन्हित किया गया था। 13 दिसंबर 2024 के घटनाक्रम के पश्चात, स्वास्थ्य विभाग को बिना किसी पूर्व सूचना या संज्ञान में लाए, 25 फरवरी 2025 को इस भूमि का आवंटन अचानक रद्द कर दिया गया। उन्होंने कहा कि एक बड़े स्वास्थ्य संस्थान के लिए आरक्षित भू-भाग के आवंटन को निरस्त करने जैसी नीतिगत कार्रवाई में संबंधित तकनीकी विभाग (स्वास्थ्य विभाग) को दरकिनार किया जाना प्रशासनिक कार्यप्रणाली की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े करता है। उन्होंने कंपनियों की पृष्ठभूमि एवं कॉरपोरेट सिंडिकेट की मिलीभगत का आरोप लगाते हुए कहा कि इस संपूर्ण प्रकरण में जिन व्यावसायिक इकाइयों के नाम सामने आए हैं, उनकी साख और योग्यता निम्नलिखित बिंदुओं के अंतर्गत संदेह के घेरे में है। उन्होंने कहा कि आवंटन और विकास प्रक्रिया से जुड़ी इस मुख्य कंपनी के पास रियल एस्टेट या बुनियादी ढांचा विकास क्षेत्र में अपेक्षित अनुभव का अभाव है। उपलब्ध रिकॉर्ड के अनुसार, कंपनी के पास मानक निर्माण कार्यों का पर्याप्त व्यावसायिक अनुभव नहीं है। इस प्रक्रिया से जुड़ी दूसरी कंपनी मूल रूप से एक सॉफ्टवेयर फर्म (संपर्क ईमेलःCS@sikka-in

CS@sikka-in) के रूप में पंजीकृत है। दस्तावेजों के परीक्षण से यह तथ्य सामने आया है कि बिन बाइट एवेन्यू और श्सिक्का डेवलपर्सश् के निदेशक मूल रूप से एक ही प्रबंधकीय तंत्र या सिंडिकेट से जुड़े हैं। यह संरचना इस बात का संकेत देती है कि कागजों पर अलग दिखाई जाने वाली ये इकाइयां वास्तव में एक ही आंतरिक तंत्र का हिस्सा हैं। नोएडा अथॉरिटी द्वारा सिक्का डेवलपर्स के विरुद्ध ₹277 करोड़ की भारी-भरकम रिकवरी के आदेश जारी किए गए हैं। अथॉरिटी द्वारा कंपनी के 31 फ्लैट सील किए जाने के बावजूद उस पर अभी भी ₹208 करोड़ की देनदारी शेष है। वित्तीय धोखाधड़ी और नियमों के उल्लंघन के चलते इस कंपनी के विरुद्ध देश के अन्य राज्यों में भी गंभीर मुकदमे दर्ज हैं। कंपनी द्वारा भूमि आवंटन से जुड़े अनुबंधों और शर्तों का अनुपालन नहीं किया गया है। इस प्रक्रिया में दो प्रमुख भूखंड शामिल थे कृ प्लॉट्स त्-1 (18,001 वर्ग मीटर) और त्-2 (50,036 वर्ग मीटर)। नियमों के अनुसार कंपनियों को अपनी वित्तीय सुदृढ़ता साबित करने हेतु वित्तीय वर्ष 2023-24 का नेटवर्थ प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य था, जो निर्धारित समय पर जमा नहीं किया गया। सिक्का डेवलपर्स टेंडर प्रक्रिया के दौरान तकनीकी अर्हता  में असफल होने के बावजूद श्वित्तीय बोली के चरण में शामिल रहा। तकनीकी रूप से अयोग्य होने के बावजूद कंपनी को प्रोविजनल एलोकेशन ऑफ लैंड (भूमि का अनंतिम आवंटन) प्रदान किया गया, जिसे संविधान के अनुच्छेद 14 (समानता का अधिकार) और टेंडर नियमावली के प्रावधानों का खुला उल्लंघन माना जा रहा है। प्रक्रिया के दौरान अन्य प्रतिस्पर्धी कंपनियों को दरकिनार कर एक चुनिंदा कॉर्पोरेट समूह को अनुचित लाभ पहुँचाने के गंभीर आरोप प्रशासनिक तंत्र पर लगे हैं।

पत्रकार वार्ता में प्रदेश महामंत्री संगठन राजेन्द्र भंडारी, अमरजीत सिंह भी उपस्थित थे।

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केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह से मिले कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत https://uktimes.in/2026/09/12/union-home-and-cooperation/ https://uktimes.in/2026/09/12/union-home-and-cooperation/#respond Sat, 12 Sep 2026 15:46:54 +0000 https://uktimes.in/?p=4511

सूबे के कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान उन्होंने उत्तराखंड में सहकारिता क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं से केंद्रीय मंत्री को अवगत कराया। साथ ही प्रदेश में सहकारिता के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने तथा किसानों, महिलाओं एवं ग्रामीण युवाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों पर भी चर्चा की।

मीडिया को जारी बयान में डॉ. रावत ने बताया कि केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह से शिष्टाचार भेंट के दौरान कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई। इस दौरान राज्य में सहकारिता क्षेत्र में किए जा रहे नवाचारी प्रयासों से भी केंद्रीय मंत्री को अवगत कराया। साथ ही हाल ही में संपन्न जिला सहकारी बैंकों के चुनावों में भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशियों की शानदार सफलता तथा सहकारिता संस्थाओं में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए लागू किए गए 33 प्रतिशत आरक्षण की सफलता के बारे में नही जानकारी साझा की।

डॉ. रावत ने कहा कि उन्होंने केंद्रीय मंत्री को राज्य में संचालित प्रमुख योजनाओं दीनदयाल उपाध्याय सहकारिता किसान कल्याण योजना, मुख्यमंत्री घस्यारी कल्याण योजना एवं मिलेट्स मिशन की प्रगति से भी अवगत कराया। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने, पशुधन आधारित ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने, ग्रामीण आजीविका के अवसर बढ़ाने, मिलेट उत्पादन को प्रोत्साहित करने तथा पोषण सुरक्षा को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य किये जा रहे हैं। साथ ही उन्होंने रुद्रप्रयाग, बागेश्वर एवं चम्पावत जनपदों में जिला सहकारी बैंकों के संचालन एवं सहकारिता क्षेत्र को और अधिक सशक्त बनाने से जुड़े विषयों को भी केंद्रीय मंत्री के समक्ष रखा।

शिष्टाचार भेंट के दौरान केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने उत्तराखंड में सहकारिता आंदोलन के विस्तार एवं नवाचारों के लिये कैबिनेट मंत्री डॉ धन सिंह रावत की पीठ थपथपाई। उन्होंने सहकारिता चुनावों में पार्टी को मिली शानदार जीत के लिये डॉ रावत के नेतृत्व क्षमता की जमकर सराहना की।

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नवनिर्वाचित जिला सहकारी बैंक अध्यक्षों ने मुख्यमंत्री से की भेंट https://uktimes.in/2026/09/12/newly-elected-district-cooperative/ https://uktimes.in/2026/09/12/newly-elected-district-cooperative/#respond Sat, 12 Sep 2026 15:42:52 +0000 https://uktimes.in/?p=4508

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी से शुक्रवार को सचिवालय में प्रदेश के विभिन्न जिला सहकारी बैंकों के नवनिर्वाचित अध्यक्षों ने भेंट की। मुख्यमंत्री ने सभी नवनिर्वाचित अध्यक्षों को शुभकामनाएं देते हुए उनके सफल कार्यकाल की कामना की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सहकारिता राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। जिला सहकारी बैंक किसानों, ग्रामीणों, महिलाओं और युवाओं को बैंकिंग सुविधाओं से जोड़ने के साथ ही स्वरोजगार एवं आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। उन्होंने अपेक्षा की कि सभी नवनिर्वाचित पदाधिकारी पारदर्शिता और जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सहकारिता को और अधिक सशक्त बनाने की दिशा में कार्य करेंगे।

मुख्यमंत्री से भेंट करने वालों में जिला सहकारी बैंक देहरादून के अध्यक्ष श्री मंजीत रावत, चमोली के अध्यक्ष श्री गजेंद्र सिंह रावत, जिला सहकारी बैंक गढ़वाल (कोटद्वार) के अध्यक्ष श्री पंकज रावत, टिहरी गढ़वाल के अध्यक्ष श्री सुभाष चंद रमोला तथा जिला सहकारी बैंक हरिद्वार के अध्यक्ष श्री बिजेंद्र सिंह चौधरी शामिल थे।ये सभी हाल ही में संबंधित जिला सहकारी बैंकों के अध्यक्ष पद पर निर्विरोध निर्वाचित हुए हैं।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री श्री खजान दास एवं श्री राम सिंह कैड़ा भी उपस्थित रहे।

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हर स्कूल का बनेगा आपदा प्रबंधन प्लान https://uktimes.in/2026/09/11/%e0%a4%b9%e0%a4%b0-%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%95%e0%a5%82%e0%a4%b2-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%ac%e0%a4%a8%e0%a5%87%e0%a4%97%e0%a4%be-%e0%a4%86%e0%a4%aa%e0%a4%a6%e0%a4%be-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0/ https://uktimes.in/2026/09/11/%e0%a4%b9%e0%a4%b0-%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%95%e0%a5%82%e0%a4%b2-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%ac%e0%a4%a8%e0%a5%87%e0%a4%97%e0%a4%be-%e0%a4%86%e0%a4%aa%e0%a4%a6%e0%a4%be-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0/#respond Fri, 11 Sep 2026 12:06:57 +0000 https://uktimes.in/?p=4503

*हर स्कूल का बनेगा आपदा प्रबंधन प्लान*

*यूएसडीएमए की शिक्षा विभाग के साथ बैठक में बनी रणनीति*

*चेतावनी-सूचना से लेकर खोज-बचाव तक की होगी व्यवस्था*

*विद्यालयों को आपदा के प्रति सुरक्षित एवं सक्षम बनाने की दिशा में बड़ा कदम*

*चेतावनी, निकासी, प्राथमिक उपचार और बचाव के लिए बनेंगी विशेष टीमें*

देहरादून। मा0 मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी तथा मा0 आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास मंत्री श्री मदन कौशिक द्वारा दिए गए निर्देशों के क्रम में उत्तराखण्ड के सभी शासकीय एवं अशासकीय विद्यालयों का स्कूल आपदा प्रबंधन प्लान तैयार किया जाएगा। इस संबंध में शुक्रवार को सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास श्री विनोद कुमार सुमन की अध्यक्षता में शिक्षा विभाग के अधिकारियों तथा प्रदेश के सभी मुख्य शिक्षा अधिकारियों के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक में विद्यालयों को आपदाओं के प्रति अधिक सुरक्षित बनाने, आपदा के समय त्वरित एवं प्रभावी प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने तथा छात्र-छात्राओं एवं विद्यालय स्टाफ की सुरक्षा के लिए आवश्यक तैयारियों पर विस्तार से चर्चा की गई।

सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास श्री विनोद कुमार सुमन ने कहा कि मा0 मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी तथा मा0 आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास मंत्री श्री मदन कौशिक द्वारा हाल ही में राज्य के सभी शासकीय एवं अशासकीय विद्यालयों का आपदा प्रबंधन प्लान तैयार किए जाने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विद्यालय का आपदा प्रबंधन प्लान उस विद्यालय की स्थानीय भौगोलिक परिस्थितियों और संभावित जोखिमों के आधार पर तैयार किया जाएगा। इसके लिए विद्यालय स्तर पर स्थानीय आपदा जोखिमों का आकलन किया जाएगा तथा उसी के अनुरूप सुरक्षा एवं बचाव की कार्ययोजना तैयार की जाएगी। उन्होंने बताया कि इसके लिए शिक्षा विभाग तथा यूएसडीएमए में समिति की गठन किया जाएगा।

विद्यालय एवं उसके आसपास के क्षेत्र में भूकंप, भूस्खलन, बाढ़, फ्लैश फ्लड, बादल फटना, अतिवृष्टि, हिमपात, हिमस्खलन, आग तथा अन्य स्थानीय आपदाओं की संभावित स्थिति का चिन्हांकन किया जाएगा। आपदा की स्थिति में विद्यार्थियों एवं स्टाफ को विद्यालय भवन से सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने के लिए स्पष्ट निकासी मार्ग निर्धारित किए जाएंगे। प्रत्येक कक्षा एवं भवन के लिए आवश्यक निकासी व्यवस्था और सुरक्षित स्थान चिन्हित किए जाएंगे। विद्यालय परिसर में आपदा के समय एकत्रित होने के लिए सुरक्षित स्थान निर्धारित किया जाएगा। आपदा की स्थिति में कौन क्या भूमिका निभाएगा, इसकी स्पष्ट जिम्मेदारी निर्धारित की जाएगी। विद्यालय प्रधानाचार्य, शिक्षक, शिक्षणेत्तर कर्मचारी तथा आवश्यकतानुसार विद्यार्थियों के स्तर पर भी जिम्मेदारियां तय की जाएंगी।

पुलिस, फायर, स्वास्थ्य विभाग, राज्य व जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, तहसील एवं अन्य संबंधित विभागों के महत्वपूर्ण आपातकालीन संपर्क नंबर विद्यालय स्तर पर उपलब्ध एवं प्रदर्शित किए जाएंगे। विद्यालय में प्राथमिक उपचार की आवश्यक व्यवस्था, फस्र्ट एड किट तथा आवश्यक आपदा राहत एवं बचाव सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। विद्यार्थियों एवं विद्यालय स्टाफ को भूकंप, आग, भूस्खलन तथा अन्य संभावित आपदाओं के दौरान अपनाई जाने वाली सुरक्षित प्रक्रियाओं की जानकारी दी जाएगी। समय-समय पर मॉक ड्रिल आयोजित कर आपदा प्रबंधन प्लान की व्यवहारिकता को भी परखा जाएगा।

सचिव श्री सुमन ने बताया कि दिव्यांग एवं विशेष आवश्यकता वाले विद्यार्थियों के सुरक्षित एवं त्वरित निकासी के लिए अलग से आवश्यक व्यवस्था और सहायता की पहचान की जाएगी। विद्यालय भवन, कक्षाओं, विद्युत व्यवस्था, गैस, रसोई, पानी की टंकियों, प्रयोगशालाओं, खेल मैदान तथा अन्य महत्वपूर्ण स्थानों की सुरक्षा संबंधी आवश्यकताओं का परीक्षण किया जाएगा तथा संभावित खतरों को कम करने के उपाय किए जाएंगे। आपदा के समय विद्यालय एवं अभिभावकों के बीच प्रभावी संचार व्यवस्था विकसित की जाएगी। स्थानीय प्रशासन, ग्राम पंचायत, स्थानीय समुदाय एवं उपलब्ध संसाधनों को भी आवश्यकता के अनुसार आपदा प्रबंधन व्यवस्था से जोड़ा जाएगा।
बैठक में एसीईओ प्रशासन श्री प्रकाश चंद्र, एसीईओ क्रियान्वयन डीआईजी श्री राजकुमार नेगी, डीजी शिक्षा श्रीमती आकांक्षा कोण्डे, जेसीईओ श्री दिनेश कुमार पुनेठा, डाॅ. पीडी माथुर आदि उपस्थित रहे।

*स्कूलों में इन टीमों का होगा गठन*
देहरादून। प्रत्येक विद्यालय के आपदा प्रबंधन प्लान के तहत चेतावनी एवं सूचना टीम, निकासी टीम, प्राथमिक उपचार टीम, अग्नि सुरक्षा टीम, खोज एवं बचाव टीम तथा सहायता एवं मनोसामाजिक टीम का गठन किया जाएगा। इन टीमों के माध्यम से आपदा की स्थिति में विद्यालय स्तर पर तत्काल एवं समन्वित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। इन टीमों का नेतृत्व बच्चों द्वारा किया जाएगा, जबकि शिक्षक एवं विद्यालय स्टाफ उन्हें आवश्यक मार्गदर्शन एवं सहयोग प्रदान करेंगे। बच्चों को उनकी आयु एवं क्षमता के अनुरूप जिम्मेदारियां देकर आपदा के प्रति जागरूक, आत्मनिर्भर एवं सक्षम बनाया जाएगा।

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